अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज के मुताबिक वह लोग माघ महीने में आकर देश और दुनिया से कट जाते हैं। लेकिन यहां धर्म अध्यात्म और भक्ति के साथ ही देश दुनिया की खबरों से जुड़े रहें इसलिए यहां पर टेलीविजन भी लगा रखा है। उनके मुताबिक धर्म भक्ति से बड़ी राष्ट्रभक्ति है। इसलिए वह राष्ट्र से भी जुड़े रहना चाहते हैं। उनके मुताबिक माघ मेले की व्यवस्था योगी सरकार ने मिनी कुंभ की तर्ज पर की है। शिविरों में तमाम व्यवस्थाएं सरकार की ओर से दी जाती हैं लेकिन जो व्यवस्थाएं सरकार से नहीं मिलती है व संत खुद जुटाते हैं।
इस बार माघ मेले में अद्भुत संयोग
स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज के मुताबिक इस बार माघ मेले में 75 वर्षों के बाद अद्भुत संयोग बन रहा है। जबकि सूर्य मकर राशि में अपने ही दिन यानी रविवार को प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में इस बार माघ मेले में स्नान,दान और कल्पवास का विशेष महत्व है। स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज का श्रद्धालुओं से कहना है कि जो लोग महाकुंभ में नहीं आ पाए वह इस माघ मेले में आकर पुण्य के भागी बन सकते हैं।