प्रदेश के कई जिलों में अवैध खनन की शिकायतों पर हाईकोर्ट सख्त है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बिना पर्यावरण विभाग की अनापत्ति के कोई भी खनन गतिविधि संचालित न करने दी जाए। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को 18 जुलाई तक इस मामले में जवाब दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।
विजय द्विवेदी और कई अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। याचिका में शिकायत की गई है कि हमीरपुर, फतेहपुर आदि कई जिलों में अवैध खनन किया जा रहा है, जबकि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की गाइड लाइन है कि बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के कोई भी खनन गतिविधि नहीं होगी। सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट ने भी इस संबंध मेें कड़े आदेश जारी किए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के किसी को भी खनन की इजाजत नहीं दी जा रही है। कोर्ट ने इस मामले में 18 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।