फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉक डाउन के दौरान चार को मिली जमानत

विज्ञापन
विज्ञापन
\nप्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना संक्रमण के मद्देनजर लॉक डाउन के बावजूद वाद कारियों को राहत देते हुए मंगलवार को छह लोगों की जमानत मंजूर की है। इनमें से दो अग्रिम जमानत अर्जियां भी थी जिनमें कोर्ट ने अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी नहीं करने का आदेश दिया है।\n ई-मेल के जरिए दाखिल की गई जमानत और अग्रिम जमानत अर्जीओं पर मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर ने सुनवाई की। प्रदेश सरकार से उसका पक्ष भी ईमेल के जरिए ही लिया गया और मामले में आवश्यकता को देखते हुए आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया। \nकौशांबी के तीन आरोपियों को मिली जमानत\n हाईकोर्ट ने कौशांबी के मंझनपुर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में रामनिवास, उधो चंद्र और योगेश चंद्र की जमानत मंजूर कर ली है । इन सभी को 2003 में दर्ज कराए गए मुकदमे के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। और सभी जेल में है। इनकी ओर से हाई कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल कर कहा गया की याचीगण जेल में है, इसलिए उनकी जमानत अर्जी पर तत्काल सुनवाई किए जाने की आवश्यकता है कोर्ट ने सुनवाई के बाद तीनों की जमानत मंजूर कर ली।\n नंदोई को मिली बेल\n हाईकोर्ट ने कन्नौज के सुभाष शुक्ला को भी जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है सुभाष आत्महत्या के लिए उकसाने के मुकदमे में अदालत द्वारा 319 सीआरपीसी के तहत तलब किए जाने के बाद जेल भेज दिए गए थे। ई-मेल के जरिए दाखिल अर्जी पर सुनवाई के बाद मुख्य न्यायमूर्ति ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। \nअग्रिम जमानत अर्जी में गिरफ्तारी पर रोक हाईकोर्ट ने कानपुर के चौबेपुर थाने में दर्ज मुकदमे में सौरभ शिवहरे और समीर शिवहरे की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है तथा अग्रिम जमानत अर्जी की सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख नियत की है। इन दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा 25 मार्च 2020 को दर्ज किया गया। ई-मेल के जरिए मांगी गई जानकारी पर प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया की मुकदमा अभी आरंभिक जांच के स्तर पर है। इसे देखते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई तक दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें