फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

High Court: पारिवारिक पेंशन पर बेटों से ज्यादा अलग रह रही पत्नी का हक, कोर्ट ने गुजारा भत्ता देने का दिया आदेश

Sat, 02 Aug 2025 07:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पारिवारिक पेंशन पर सेवा पुस्तिका में नामित बेटों से ज्यादा अलग रह रही पत्नी का हक है। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की अदालत ने मिर्जापुर निवासी याची उर्मिला सिंह के पक्ष में पति की पारिवारिक पेंशन निर्गत...
विज्ञापन
अदालत का आदेश - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पारिवारिक पेंशन पर सेवा पुस्तिका में नामित बेटों से ज्यादा अलग रह रही पत्नी का हक है। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की अदालत ने मिर्जापुर निवासी याची उर्मिला सिंह के पक्ष में पति की पारिवारिक पेंशन निर्गत करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन


याची के पति प्राइमरी विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। 2016 में सेवानिवृत्ति के बाद से उन्हें 2019 में हुई मृत्यु तक पेंशन प्राप्त हो रही थी। इस दौरान परिवारिक अदालत के आदेश पर उनसे अलग रह रही याची को आठ हजार रुपये महीना गुजारा भत्ता मिल रहा था।

पति की मृत्यु के बाद उसने पारिवारिक पेंशन की मांग की तो शिक्षा विभाग ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि मृतक कर्मचारी ने अपनी सेवा पुस्तिका में पारिवारिक सदस्य के रूप में याची का नाम नहीं लिखा बल्कि बेटों का नाम दर्ज कराया है। इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दलील दी कि याची पति की ओर से मिल रहे गुजारा भत्ता पर निर्भर थी। लिहाजा, उसे पारिवारिक पेंशन दिलाया जाना चाहिए। कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें