विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी बस्ती को स्पष्टीकरण के साथ कोर्ट में तीन मार्च को हाजिर होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पूछा है कि इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के बाद बंदूक जब्त क्यों नहीं किया गया। बिना लाइसेंस असलहा रखने पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। याचिका की सुनवाई तीन मार्च को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति डीके सिंह ने राम जनम की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
मामले में मोहम्मद जुनैद की टाटा सूमो गाड़ी 1997 में लूट ली गई और उसी गाड़ी व बंदूक का इस्तेमाल सोनभद्र के पिपरी थाना क्षेत्र में हुई हत्या के लिए किया गया। अयोध्या के पूर्व विधायक खब्बू तिवारी ने बस्ती के फर्जी पते से शस्त्र लाइसेंस लिया था। जांच के बाद निरस्त किया गया, किंतु असलहा जमा नहीं कराया, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।