इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौनपुर के बाहुबली सांसद उमाकांत की दो जमानत अर्जियों पर सुनवाई कर राहत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याची का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह एक मामले में अदालत द्वारा दोषी भी ठहराया जा चुका है। लिहाजा, वह जमानत पाने की योग्य नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने उमांकात यादव की दो अलग-अलग जमानत अर्जियों को खारिज करते हुए दिया है।
याची पर आरोप है कि वह अपने परिवार के सदस्य के नाम से शराब की दुकान का लाईसेंस लेकर लोगों को नकली शराब की बिक्री करा दी, जिससे पीने से कई लोगों की मौत हो गई। याची के खिलाफ आजमगढ़ के फूलपुर थाने में और अहरौला थाने में आईपीसी और आबकारी अधिनियम के तहत पिछले वर्ष प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले में याची सहित छह लोगों को अभियुक्त बनाया गया।
याची के खिलाफ 48 प्राथमिकी दर्ज है। आठ मामले हत्या से जुड़े हैं। इसके अलावा गैंगस्टर, गुंडा एक्ट सहित कई अन्य अपराधों में आरोपी है। कोर्ट ने याची को लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए सही नहीं बताया। इसके साथ ही उसकी दोनों जमानत अर्जियों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने हाल ही में एक अन्य मामले में याची की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था।