इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से 2021 में आयोजित की गई उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा में ओवर एज हुए उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट न दिए जाने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि जब 2025 की भर्ती में आयु में तीन साल की छूट दी जा रही है तो 2021 की भर्ती में छूट क्यों नहीं दी गई। यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने प्रमुख सचिव (गृह) या अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश से स्पष्टीकरण के साथ हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने सच्चिदानंद शुक्ला और 70 अन्य की याचिका पर दिया।
याची अधिवक्ता संजय कुमार यादव ने कोर्ट को बताया कि 2016 की उपनिरीक्षक भर्ती के बाद अगली भर्ती 2021 में आई थी। इस बीच कोरोना महामारी के कारण भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई। सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर से हर साल भर्ती करने का हलफनामा दिया गया था। इस हलफनामे को सरकार ने पूरा नहीं किया। इसके चलते 2021 की भर्ती में कई उम्मीदवार ओवर एज हो गए थे।
उस समय इन उम्मीदवारों ने सरकार से आयु सीमा में छूट देने की मांग की थी लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। वहीं अब 2025 की उपनिरीक्षक भर्ती में सरकार स्वयं तीन साल की छूट दे रही है। यह याचिकाकर्ताओं के साथ भेदभाव है। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आयु सीमा में छूट को लेकर किए गए भेदभाव पर राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगते हुए सुनवाई के लिए अगली तिथि 10 सितंबर को नियत की है।