किसानों को नहीं दी गई थी सब्सिडी
याची पर आरोप है कि उसने मेसर्स उज्जवल ट्रेडिंग कंपनी ने मेसर्स मदन माधव फर्टिलाइजर एवं केमिकल्स कंपनी फर्रुखाबाद को 1200 करोड़ की खाद आपूर्ति की। किसानों को खाद पर सब्सिडी नहीं दी गई। मदन माधव फर्टिलाइजर एवं केमिकल्स कंपनी ने सरकार से 48.18 लाख से अधिक रुपये की सब्सिडी हड़प ली। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। आर्थिक अपराध शाखा के उपनिरीक्षक ने कोतवाली फतेहगढ़ में 10 सितंबर, 2004 को एफआईआर दर्ज कराई।
घाटे में बंद हो गई थी, लेकिन कागजों पर चालू रखी कंपनी
याची का कहना है कि उज्जवल ट्रेडिंग कंपनी पहले ही घाटे के कारण बंद हो गई। उसके चाचा चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। पेपर पर कंपनी चालू रखी। जिस कंपनी मदन माधव फर्टिलाइजर एवं केमिकल्स ने सब्सिडी हड़पी। इसमें छह अधिकारियों से पूछताछ तक नहीं की गई। याची और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। सीजेएम कोर्ट ने 13 साल बाद समन जारी किया है। 2021 में भी तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। जांच ठीक से नहीं की गई है। इस पर कोर्ट ने घोटाले की जांच सीबीआई को करने का निर्देश दिया है।