इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया बस स्टैंड के निर्माण में हो रही देरी के लिए लाल फीताशाही को जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि बस अड्डे के निर्माण के लिए औपचारिकताओं को पूरा करने में काफी समय लग सकता है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया बस स्टैंड के निर्माण में हो रही देरी के लिए लाल फीताशाही को जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि बस अड्डे के निर्माण के लिए औपचारिकताओं को पूरा करने में काफी समय लग सकता है। राज्य मंत्री मंडल से बस अड्डे की मंजूरी मिलना ही अभी सबसे बड़ा मील का पत्थर है। इस टिप्पणी संग कोर्ट ने प्रतिवादियों से निर्माणाधीन अस्थायी शेड का काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है।
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यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय की जनहित याचिका पर दिया। खंडपीठ ने देवरिया बस स्टैंड की जानकारी राज्य सरकार से मांगी थी। सरकार ने कोर्ट में जवाब दाखिल कर बताया कि शीतकालीन सत्र में बस अड्डे की मंजूरी के बाद दिसंबर 2025 तक कार्य शुरू हो जाएगा। इसके निर्माण में लगभग साढ़े तीन साल का समय लगेगा।
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि साल 2021-22 में एक अस्थायी शेड बनाया गया है। एक और शेड बन रहा है जो अक्तूबर तक तैयार हो जाएगा। कोर्ट ने प्रतिवादियों को निर्देश दिया कि निर्माणाधीन अस्थायी शेड का काम जल्द पूरा किया जाए। अगली सुनवाई आठ जनवरी 2026 को होगी।