इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर के गंगोह ब्लॉक प्रमुख पद की भाजपा प्रत्याशी मुन्नी देवी के निर्विरोध निर्वाचन को रद्द करने वाला जिला जज (चुनाव न्यायाधिकरण) का फैसला निरस्त कर दिया। कोर्ट ने मामले को दो महीने में नए सिरे से निस्तारण करने का आदेश देते हुए जिला जज की अदालत में वापस भेज दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार की एकल पीठ ने मुन्नी देवी की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। 2021 में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सपा प्रत्याशी बबली चौधरी का नामांकन निरस्त होने और एक अन्य सुमन देवी की ओर से नाम वापसी के बाद भाजपा प्रत्याशी मुन्नी देवी निर्विविरोध निर्वाचित हुई थीं। बबली चौधरी की चुनाव याचिका पर चुनाव न्यायाधिकरण ने मुन्नी देवी का चुनाव इस आधार पर रद्द कर दिया कि चुनाव अधिकरी ने बबली का नामांकन पत्र महज फोटो के स्वप्रमाणित न होने के आधार पर खारिज दिया था। इस आदेश को मुन्नी देवी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
उनके अधिवक्ता ने दलील दी कि न्यायाधिकरण ने फैसले में कानूनी स्थिति को स्पष्ट करने वाले सहायक निर्वाचन आयुक्त की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए पत्र को नजरअंदाज किया। साथ ही इस तथ्य को भी गंभीरता से नहीं लिया कि बबली को नामांकन पत्र में सुधार का मौका दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने फोटो को स्वप्रमाणित नहीं किया। लिहाजा, चुनाव न्यायाधिकरण का फैसला दस्तावेजी साक्ष्यों के वितरीत है।