फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट :  नियमित जांच व उचित प्रक्रिया अपनाए बिना सेवा समाप्ति अवैध, पेंशन समेत सभी सेवा लाभ देने का निर्देश

Sat, 26 Sep 2026 03:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गलत सूची के आधार पर सीजनल कलेक्शन अमीन मोहम्मद सुहैल की सेवा समाप्ति के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बिना नियमित जांच और उचित प्रक्रिया अपनाए सेवा समाप्त करना अवैध है।
विज्ञापन
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गलत सूची के आधार पर सीजनल कलेक्शन अमीन मोहम्मद सुहैल की सेवा समाप्ति के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बिना नियमित जांच और उचित प्रक्रिया अपनाए सेवा समाप्त करना अवैध है।

विज्ञापन


अदालत ने याची के परिवार को पेंशन और पारिवारिक पेंशन समेत सभी परिणामी सेवा लाभ तीन माह में देने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकलपीठ ने मोहम्मद सुहैल की याचिका स्वीकार करते हुए दिया। प्रयागराज निवासी याची मोहम्मद सुहैल को 1994 में सीजनल कलेक्शन अमीन नियुक्त किया गया था। 1999 में उन्हें स्थायी पद पर नियुक्ति दी गई।

हालांकि, प्रशासन ने बाद में पाया कि नियुक्ति में वरिष्ठता सूची के बजाय वसूली की सूची का इस्तेमाल किया गया था। इसके आधार पर 20 नवंबर 1999 को उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने कहा कि नियुक्ति स्थायी पद के विरुद्ध थी, इसलिए सेवा समाप्ति के लिए 1975 की नियमावली लागू नहीं होती थी। कोर्ट ने बर्खास्तगी आदेश रद्द करते हुए तीन माह में सभी सेवा लाभ देने का निर्देश दिया। याची की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी रुबीना हाशमी मुकदमे में प्रतिस्थापित हुई थीं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें