इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हमीरपुर के चंदूपुर गांव में बच्चों के विद्यालय तक पहुंचने के लिए बदहाल सड़क के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इसे जनहित याचिका के रूप में कायम कर राज्य सरकार समेत संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हमीरपुर के चंदूपुर गांव में बच्चों के विद्यालय तक पहुंचने के लिए बदहाल सड़क के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इसे जनहित याचिका के रूप में कायम कर राज्य सरकार समेत संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने दिया है।
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कोर्ट ने कहा कि छोटे बच्चों को अपने बुनियादी अधिकार के लिए जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है।समाचार पत्र में छपी खबर के अनुसार, चंदूपुर गांव के बच्चों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर अभिभावकों के साथ करीब पांच किमी पैदल यात्रा कर प्रदर्शन किया था।
पीडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता के अनुसार, करीब 1.5 किमी सड़क खराब है। वन विभाग की एनओसी न मिलने से निर्माण अटका हुआ है। सड़क के लिए 1.81 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार है और बजट मिलते ही काम शुरू करने की बात कही गई है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्थिति सुधारने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी है। मामले की सुनवाई 24 अगस्त को होगी।