इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा के एक एनडीपीएस मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर प्रथमदृष्टया ‘झूठी बरामदगी’ का मामला सामने आने पर एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा के एक एनडीपीएस मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर प्रथमदृष्टया ‘झूठी बरामदगी’ का मामला सामने आने पर एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला की एकल पीठ ने पिंकू और नरेश शर्मा की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पारित किया। याचियों को एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तारी की आशंका है। उन्होंने अग्रिम जमानत अर्जी दायर की। याची अधिवक्ता ने पेन ड्राइव में सीसीटीवी फुटेज और पूरक हलफनामा अदालत में पेश किया।
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आरोप लगाया गया कि फुटेज में पुलिसकर्मी आवेदकों के घर से एक काला बैग ले जाते दिखाई दे रहे हैं। बाद में इसी बैग को स्कॉर्पियो से बरामद दिखाया गया, जिसमें कथित तौर पर 358 ग्राम अल्प्राजोलम और 1.95 लाख रुपये मिले। आवेदकों ने पुलिस पर घर में रखे रुपये जब्त करने, उनके दुरुपयोग और झूठे मामलों में फंसाने का भी आरोप लगाया। अदालत ने फुटेज देखने के बाद प्रथमदृष्टया कहा कि आवेदकों के खिलाफ झूठी बरामदगी प्रदर्शित होती है। अंतरिम राहत देते हुए अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।