इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न के मामले में पति के परिवार के पांच सदस्यों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने बलिया की न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय की अदालत में लंबित मामले में उनके खिलाफ जारी समन आदेश और पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न के मामले में पति के परिवार के पांच सदस्यों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने बलिया की न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय की अदालत में लंबित मामले में उनके खिलाफ जारी समन आदेश और पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने दिया। ज्योति गुप्ता ने पति गोपाल और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का परिवाद दाखिल किया था।
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अदालत ने आरोपियों को समन जारी किया था। इसे चुनौती देते हुए सास निर्मला देवी, सरस्वती देवी, ननद दीक्षा देवी, ससुर रामनारायण साहू और देवर विंध्याचल गुप्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याचियों का कहना था कि उनके खिलाफ कोई विशिष्ट आरोप या भूमिका नहीं बताई गई है। केवल सामान्य और अस्पष्ट आरोप लगाकर पूरे परिवार को मामले में फंसाया गया है। हाईकोर्ट ने पांचों के खिलाफ समन आदेश सहित पूरी आपराधिक कार्यवाही निरस्त कर दी।