इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम महोबा मृदुल चौधरी को कथित मनरेगा घपले के मामले में हुए आदेश का अनुपालन न करने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने उन्हें एक मौका देते हुए सुनवाई की अगली तिथि तक आदेश का अनुपालन करने को कहा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम महोबा मृदुल चौधरी को कथित मनरेगा घपले के मामले में हुए आदेश का अनुपालन न करने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने उन्हें एक मौका देते हुए सुनवाई की अगली तिथि तक आदेश का अनुपालन करने को कहा। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर वह आदेश का अनुपालन नहीं करते हैं तो वह सुनवाई की अगली तिथि 16 मई को उपस्थिति रहेंगे।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय ने लल्लू सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने बहस की। दरअसल, मामला महोबा जिले के विकास खंड कबरई का है। आरोप है कि विकास खंड के जिम्मेदार अधिकारी ने जय मां ट्रेडर्स की प्रोपरोइटर नीतू के नाम मनरेगा का धन अवैध तरीके से भुगतान कर दिया है।
यह भुगतान वित्तिय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 का है। कोर्ट ने पूर्व में दाखिल याचिका पर चार र्माच 2025 काे अपने आदेश में तत्कालीन डीएम मृदुल चौधरी को मामले में तीन सप्ताह में कार्रवाई करने आदेश दिया था। लेकिन डीएम ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया है। इस दौरान मृदुल चौधरी का स्थानांतरण भी हो गया है और उनकी जगह पर नए डीएम गजल भारद्वाज की तैनाती हो गई है। याची की ओर से अब अवमानना याचिका दाखिल की गई है। इस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए डीएम से अनुपालन आख्या मांगी है नहीं तो उन्हें कोर्ट के सामने पेश होना पड़ेगा।