इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवानविृत्ति के दो साल पहले कर्मचारी को गृह जनपद या कर्मचारी की पसंद के विपरीत जिले में किए गए स्थनांतरण आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही सरकार से चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा तलब किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवानविृत्ति के दो साल पहले कर्मचारी को गृह जनपद या कर्मचारी की पसंद के विपरीत जिले में किए गए स्थनांतरण आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही सरकार से चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकल पीठ ने बलिया के बाल विकास पुष्टाहार विभाग में तैनात भूपेंद्र सिंह की याचिका पर दिया है।
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अधिवक्ता ने दलील दी कि याची की सेवानिवृत्ति में दो साल से कम समय बचा है। उनका तबादला गृह जनपद बलिया से सोनभद्र कर दिया गया है। तबादला नीति के मुताबिक सेवानिवृत्ति के दो साल के भीतर आने वाले कर्मचारी को उसके गृह जनपद या उसकी पसंद के स्थान पर तैनाती देने का प्रावधान है। वहीं, राज्य सरकार के अधिवक्ता ने दलील दी कि तबादला नीति महज दिशानिर्देश है। इसे किसी पक्ष की ओर से बाध्यकारी रूप से लागू नहीं कराया जा सकता।