Allahabad High Court : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंता परीक्षा 2024 की मुख्य परीक्षा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम संशोधित करने का आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंता परीक्षा 2024 की मुख्य परीक्षा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम संशोधित करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ ने राजत मौर्या व 41 अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर दिया है। कोर्ट ने पाया कि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम तैयार करते समय आरक्षण के माइग्रेशन (प्रवासन) सिद्धांत का पालन नहीं किया गया।
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इसके तहत आरक्षित वर्ग के जिन उम्मीदवारों ने योग्यता के आधार पर अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के बराबर या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें अनारक्षित सूची में शामिल किया जाना अनिवार्य है।याचियों ने शिकायत की है कि आयोग ने कुल 609 रिक्तियों के विरुद्ध 1:15 के अनुपात में पर्याप्त संख्या में उम्मीदवारों को सफल घोषित नहीं किया। परिणाम वर्गवार तैयार किया गया। उच्च मेरिट वाले आरक्षित उम्मीदवारों को अनारक्षित सूची में नहीं डाला।
कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए यूपीपीएससी को निर्देश दिया कि वह प्रारंभिक परीक्षा के योग्य उम्मीदवारों की मेरिट सूची को दोबारा तैयार करे और माइग्रेशन के सिद्धांत को लागू करे। आदेश में स्पष्ट किया कि प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी करने के बाद ही आयोग को मुख्य परीक्षा के आयोजन की अनुमति होगी। बता दें कि मुख्य परीक्षा 28 व 29 सितंबर को प्रस्तावित है। इसके लिए यूपीपीएससी ने प्रवेश पत्र भी जारी कर दिया है।