हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय विधि के विपरीत पुलिस विभाग की ओर से आदेश पारित किए जाने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर पारित आदेश न केवल अवैध है, बल्कि अवमानना भी है।
हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय विधि के विपरीत पुलिस विभाग की ओर से आदेश पारित किए जाने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर पारित आदेश न केवल अवैध है, बल्कि अवमानना भी है। कोर्ट ने लखनऊ के प्रमुख सचिव गृह और आगरा के डीसीपी से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर जवाब मांगा है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकल पीठ ने हरगोविंद सिंह यादव की याचिका पर दिया। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि पुलिस विभाग ने 2008 में किए गए कथित गलत वेतन निर्धारण के आधार पर याची की पेंशन में कटौती कर दी, जो पूरी तरह अवैध है। यह कार्रवाई 16 जनवरी 2007 के शासनादेश और सुप्रीम कोर्ट के सुशील कुमार सिंघल मामले में दिए गए फैसले का खुला उल्लंघन है।