प्रशासन ने जताई थी सांप्रदायिक मतभेद की आशंका
सुनवाई के दौरान सरकारी अधिकारियों ने दलील दी कि संबंधित जमीन राजस्व अभिलेखों में बंजर दर्ज है और परंपरागत रूप से इसका इस्तेमाल कब्रिस्तान के रूप में नहीं हुआ है। प्रशासन ने यह भी बताया कि क्षेत्र में पहले से ही एक ईसाई कब्रिस्तान मौजूद है। इसके अलावा, नई जमीन आवंटित करने से स्थानीय स्तर पर सांप्रदायिक मतभेद पैदा होने की आशंका भी जताई गई थी।
व्यापक जनहित पर विचार करना प्रशासन का काम
कोर्ट ने प्रशासन की दलीलों से सहमति जताते हुए कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार किसी खास सरकारी जमीन को अपनी पसंद से आवंटित कराने का आधार नहीं बन सकता। जमीन के उपयोग और आवंटन से जुड़े निर्णय में व्यापक जनहित, स्थानीय जरूरतों और कानून-व्यवस्था की परिस्थितियों पर विचार करना प्रशासनिक अधिकारियों का काम है।याचिका में हस्तक्षेप का कोई कानूनी आधार नहीं पाते हुए हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।