इधर, जौहर यूनिवर्सिटी की चहारदिवारी में चकरोड की जमीन लेने के मामले में पैमाइशन की प्रक्रिया पूरी हो गई। 11 गाटा संख्या में पांच की पैमाइश गुरुवार को हुई थी। शुक्रवार को शेष गाटा संख्या की पैमाइश कराई गई। पैमाइश पूरी होने के बाद चकरोड की 17 बीघा जमीन सींगनखेड़ा के प्रधान के कब्जे में दे दी गई। पैमाइश के दौरान यह बात सामने आई है कि जौहर यूनिवर्सिटी के वीसी का निवास, मेडिकल फैसेलिटी बिल्डिंग और एक नई बिल्डिंग का कुछ हिस्सा चकरोड की जमीन पर बना हुआ है। इसको लेकर जिला प्रशासन अलग से नोटिस जारी करेगा।
सामुदायिक उपयोग की जमीन को मौलाना जौहर अली विवि की चहारदिवारी में शामिल करने की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई थी। मामला राजस्व बोर्ड परिषद के सामने था। प्रथम अपील खारिज होने के बाद जौहर ट्रस्ट के संरक्षक और सांसद आजम खां ने राजस्व परिषद में द्वितीय अपील भी दायर की थी, जो वहां से खारिज हो गई थी।
द्वितीय अपील खारिज होने के बाद गुरुवार को जिला प्रशासन ने पैमाइश शुरू कराई थी। एसडीएम सदर पीपी तिवारी ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी में चकरोड के जमीन की पैमाइश पूरी हो गई है। चकरोड की 17 बीघा जमीन सींगनखेड़ा के प्रधान के कब्जे में दे दी गई है। यूनिवर्सिटी के तीन भवनों का कुछ हिस्सा चकरोड की जमीन पर बना हुआ है। इसको लेकर अलग से ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया जाएगा।