कोर्ट ने आदेश की प्रमाणित कॉपी के फोलियो पर अधिवक्ता द्वारा एडवोकेट बैंड, तथा न्याय का प्रतीक तराजू व हथौड़ा को सही नहीं माना है तथा इस केस की सुनवाई के लिए 16 अगस्त 2022 को सुबह 10:00 बजे का समय निर्धारित किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज नगर गाजियाबाद निवासी एक अधिवक्ता द्वारा आदेश की प्रमाणित कॉपी के फोलियो पर अधिवक्ता बैंड, न्याय का प्रतीक तराजू व हथौड़ा का प्रयोग करने को गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट ने एक वकील के इस आचरण पर उत्तर प्रदेश बार काउंसिल प्रयागराज को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने बार काउंसिल उत्तर प्रदेश प्रयागराज के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है वह बताएं कैसे एक अधिवक्ता बैंड, न्याय का प्रतीक हथौड़ा व तराजू आदेश की प्रमाणित कॉपी के फोलियो पर प्रयोग कर रहा है।
विज्ञापन
यह आदेश जस्टिस एसपी केसरवानी तथा जस्टिस जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने आर्बिट्रेशन एंड कॉन्सिलिएशन एक्ट के तहत शबनम जहीर की अपील पर पारित किया। मामले के अनुसार जिला जज गाजियाबाद द्वारा 25 मार्च 22 को पारित आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में धारा 37 आर्बिट्रेशन एंड कॉन्सिलिएशन एक्ट के तहत अपील दाखिल की गई है। गाजियाबाद के अधिवक्ता संजय कुमार सिंह ने 25 मार्च 2022 को पारित जिला जज के आदेश की प्रमाणित प्रति के फोलियो पर अपना नाम, एडवोकेट बैंड, तथा न्याय का प्रतीक तराजू व हथौड़ा का प्रयोग किया है।
कोर्ट ने आदेश की प्रमाणित कॉपी के फोलियो पर अधिवक्ता द्वारा एडवोकेट बैंड, तथा न्याय का प्रतीक तराजू व हथौड़ा को सही नहीं माना है तथा इस केस की सुनवाई के लिए 16 अगस्त 2022 को सुबह 10:00 बजे का समय निर्धारित किया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य अमरेंद्र नाथ सिंह को इस मामले में कोर्ट के समक्ष बहस में सहयोग करने का अनुरोध किया है। प्रतिवादियों की तरफ से प्रांजल मेहरोत्रा ने बहस की।