इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों की ओर से सरकारी अधिवक्ताओं को समय से निर्देश (जानकारी) न देने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने संतकबीरनगर के एसपी को 28 अक्तूबर को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों की ओर से सरकारी अधिवक्ताओं को समय से निर्देश (जानकारी) न देने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने संतकबीरनगर के एसपी को 28 अक्तूबर को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने रीमा यादव की याचिका पर दिया है। रीमा ने कोतवाली थाने में मारपीट व घरेलू हिंसा के आरोप में दर्ज एफआईआर में निष्पक्ष जांच की मांग में याचिका दायर की है। कोर्ट ने मामले में पुलिस से जानकारी मांगी थी।
कहा था कि 15 जुलाई 2026 को दिए गए आदेश के बावजूद पुलिस अधिकारियों की ओर से अब तक कोई निर्देश उपलब्ध नहीं कराया गया है। अपर महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि जिले के पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजा गया, लेकिन इसके बावजूद कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा कि कई मामलों में यह सामने आ रहा है कि सरकारी अधिवक्ता कार्यालय की ओर से स्थानीय पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजे जाने के बावजूद पुलिस अधिकारी राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं को आवश्यक निर्देश उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। कोर्ट ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अपने आदेश की प्रति उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को भी उचित कार्रवाई के लिए भेजने का आदेश दिया।