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High Court : हाईकोर्ट ने कहा - अवमानना याचिका का उद्देश्य किसी को परेशान करना या दबाव डालना नहीं

Wed, 12 Feb 2025 07:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अवमानना याचिका का उद्देश्य किसी को परेशान करना या किसी पर दबाव डालना नहीं है। ऐसा प्रतीत होता कि याची ने भूखंडों पर काबिज लोगों को परेशान करने के लिए यह याचिका दाखिल की है।
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अदालत का आदेश - फोटो : istock
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अवमानना याचिका का उद्देश्य किसी को परेशान करना या किसी पर दबाव डालना नहीं है। ऐसा प्रतीत होता कि याची ने भूखंडों पर काबिज लोगों को परेशान करने के लिए यह याचिका दाखिल की है। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय ने यह टिप्पणी करते हुए याची शिव शंकर पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

प्रयागराज निवासी याची ने अवमानना याचिका दाखिल की थी। उनकी दलील थी कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार गांव सभा की जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाया गया। लेखपाल की रिपोर्ट का हवाला दिया कि उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि विचाराधीन भूखंड जल निकासी के लिए हैं। रिकार्ड पर गलत दर्ज हो गई है। रिकॉर्ड में सुधार के लिए सिफारिश की है। विपक्षी दलों ने हाईकोर्ट के आदेश और लेखपाल की सिफारिशों के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया है।

अदालत ने कहा कि जब तक राजस्व रिकॉर्ड में सुधार नहीं हो जाता है तबतक यह नहीं कह सकते कि उक्त भूमि पर काबिज व्यक्ति अतिक्रमणकारी हैं। कोर्ट ने कहा कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर ही अतिक्रमण हटाया जा सकता है। वहीं न्यायालय ने पाया कि आवेदक के पास अतिक्रमण हटाने के लिए अन्य उपाय थे। ऐसे में अवमानना कार्यवाही को परेशान करने के लिए मानते हुए आवेदक पर जुर्माना लगा दिया। साथ ही निर्देश दिया कि कलेक्टर प्रयागराज एक माह के भीतर जुर्माना राशि भू राजस्व के बकाए के रूप में वसूल करेंगे। इसकी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे।

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