हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
प्रधान वैज्ञानिक को इसी अवधि में अपील दायर करनी चाहिए थी। इस दौरान कोर्ट ने परिषद की ओर से 638 दिन बाद याचिका दाखिल करने को लेकर आपत्ति उठाई तो विभाग ने दलील दी कि याचिका दाखिल करने की अनुमति हासिल करने की सरकारी प्रक्रिया पूरी करने के कारण देरी हुई है, इसलिए विभाग को छूट दी जानी चाहिए।
कोर्ट ने परिषद की दलीलों को मानने से इन्कार करते हुए करीब दो साल देरी से दाखिल याचिका को खारिज कर दिया। कहा, परिसीमा अधिनियम के प्रावधान सरकार पर भी उसी तरह लागू होते हैं, जैसे कि आम वादकारियों के लिए।