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UP : हाईकोर्ट का फैसला- पति की मौत के बाद पत्नी की कम उम्र के आधार पर विवाह अमान्य नहीं

Mon, 22 Dec 2025 01:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि शादी के समय दुल्हन की आयु 18 वर्ष से कम थी तो भी पति की मृत्यु के बाद ससुराल पक्ष के लोग इस आधार पर विवाह को अमान्य घोषित नहीं करा सकते।
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अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि शादी के समय दुल्हन की आयु 18 वर्ष से कम थी तो भी पति की मृत्यु के बाद ससुराल पक्ष के लोग इस आधार पर विवाह को अमान्य घोषित नहीं करा सकते। इस टिप्पणी संग कोर्ट ने कम उम्र के आधार पर विवाह को अमान्य घोषित करने की मांग में दायर अपील खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने दिया है।

आजमगढ़ निवासी राजधारी व अन्य ने अपने सैनिक बेटे की शहादत के बाद बहू को कानूनी वारिस मानने से इन्कार कर दिया। अपीलकर्ताओं का तर्क था कि 12 मई 2007 को विवाह के समय लड़की की उम्र 18 वर्ष पूरी होने में दो महीने कम थी। इससे विवाह अवैध हो गया।

कोर्ट ने कहा कि विवाह को शून्य घोषित करने का अधिकार केवल पति या पत्नी को ही मिलता है न कि उनके माता-पिता को। यह भी कहा कि विवाह के समय आयु कम होना हिंदू विवाह अधिनियम का उल्लंघन तो है पर यह स्वतः शून्य नहीं हो जाता। हाईकोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया कि शहीद की पत्नी को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किया जा चुका है। इन आधारों पर अपील खारिज कर दी।

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