उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने प्रतापगढ़ के एक राजस्व वाद में सुनवाई में देरी पर सख्त रुख अपनाया है। परिषद ने अधीनस्थ न्यायालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामला एसडीएम रानीगंज के न्यायालय से हटाकर एसडीएम लालगंज के न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया है।
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने प्रतापगढ़ के एक राजस्व वाद में सुनवाई में देरी पर सख्त रुख अपनाया है। परिषद ने अधीनस्थ न्यायालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामला एसडीएम रानीगंज के न्यायालय से हटाकर एसडीएम लालगंज के न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया है।
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यह आदेश राजस्व परिषद के सदस्य (न्यायिक) साहब सिंह ने याची राम लखना की ओर से दायर स्थानांतरण प्रार्थना पत्र दिया। पत्र में रानीगंज के न्यायालय में विचाराधीन सरकार बनाम राम आधार मामले को किसी अन्य सक्षम न्यायालय में स्थानांतरित किए जाने की मांग की गई थी। वाद में आरोप है कि संबंधित पक्ष की ओर से ग्रामसभा/सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है।
याची की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि वादग्रस्त भूमि पर 2014 से हेमंत डिग्री कॉलेज संचालित है, जो ग्रामसभा से प्राप्त पट्टा विलेख के आधार पर भूमिधरी भूमि पर स्थापित है। भूमि सक्षम न्यायालय की ओर से आवासीय घोषित की जा चुकी है। ऐसे में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के प्रावधान लागू नहीं होते। इसके बावजूद प्रकरण दो साल से लंबित है। अधीनस्थ न्यायालय की ओर से केवल तारीखें तय की जा रही हैं।
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राजस्व परिषद ने रिकॉर्ड में पाया कि अधीनस्थ न्यायालय में बार-बार केवल तिथियां तय की जाती रहीं। परिषद की ओर से दो बार आदेश दिए जाने के बावजूद प्रस्तरवार आख्या नहीं भेजी गई। इसे न्यायिक आदेशों की अवहेलना और वाद को अनावश्यक रूप से लंबित रखने का प्रयास किया गया। परिषद ने मामला एसडीएम लालगंज के न्यायालय को स्थानांतरित कर निर्देश दिया कि प्रकरण का छह माह में गुण-दोष के आधार पर निस्तारण किया जाए।