प्रदेश सरकार की तरफ से कोर्ट में उपस्थित अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अदालत को अवगत कराया कि वह इस मामले में कोर्ट का बहस में कोई सहयोग नहीं कर सकते, क्योंकि अदालत के पूर्व आदेशों के क्रम में वह इस मामले में बतौर न्याय मित्र रह चुके हैं और उन्होंने रिपोर्ट भी दाखिल की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में वरुणा और असि नदियों के पुनरुद्धार को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर नगर निगम के साथ वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) से जवाब-तलब किया है। कोर्ट ने नगर निगम और वीडीए को आदेशित किया है कि वह इन दोनों नदियों से अतिक्रमण हटाने के साथ ही इनके पुनरुद्धार को लेकर याचिका में उठाए गए मुद्दे पर अपना जवाब दाखिल करें।
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इसके साथ ही नगर निगम और वीडीए को पक्षकार बनाने का याची को निर्देश भी दिया है। हाईकोर्ट इस याचिका पर नवंबर के अंतिम सप्ताह में सुनवाई करेगी। यह आदेश चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर व जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने याची जय राम कुमार शरण की याचिका पर पारित किया।
प्रदेश सरकार की तरफ से कोर्ट में उपस्थित अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अदालत को अवगत कराया कि वह इस मामले में कोर्ट का बहस में कोई सहयोग नहीं कर सकते, क्योंकि अदालत के पूर्व आदेशों के क्रम में वह इस मामले में बतौर न्याय मित्र रह चुके हैं और उन्होंने रिपोर्ट भी दाखिल की है।
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याचिका में कहा गया है कि वाराणसी का नाम वरुणा और असि नदियों पर ही पड़ा है। इसी कारण इस शहर को वाराणसी कहते हैं। कहा गया है कि इन नदियों के क्षेत्र का अतिक्रमण कर लिया गया है और इसलिए इन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया जाना जरूरी है। नदियों का पुनरुद्धार जनता के हित में है। याचिका पर अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने पक्ष रखा।