इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ की एक हाउसिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी के खिलाफ बेदखली के आदेश पर सरकार व नगर निगम से तीन हफ्ते में जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने सोसाइटी की ओर से बेदखली आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया है। सोसाइटी के अधिवक्ता ने दलील दी कि बेदखली आदेश दुर्भावनापूर्ण है। याची के प्रत्यावेदन पर विचार किए बिना पारित कर दिया गया है। लिहाजा, जब तक प्रत्यावेदन पर फैसला नहीं लिया जाता तब तक जमीन से बेदखली की कार्रवाई नहीं की जाए।
वहीं, नगर निगम की ओर से पेश अधिवक्ता ने दलील दी कि औरंगशाहपुर डिग्गी स्थित करोड़ों की सरकारी संपत्ति को लेकर सिविल कोर्ट ने पहले ही यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दे रखा है। साथ ही तीसरे पक्षकार के हित सृजित करने पर भी रोक लगाई है। इसके बावजूद सोसाइटी कथित रूप से जमीन की बिक्री कर रही है, जो कोर्ट के आदेशों की अवमानना है। राज्य सरकार मामले की उच्च स्तरीय जांच करवा रही है। इसी आधार पर अपर आयुक्त ने बेदखली का वैधानिक आदेश पारित किया है। इसमें कि विधिक त्रुटि नहीं है।