इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12वीं के छात्र को बोर्ड परीक्षा देने के लिए पैरोल पर सशर्त रिहा किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की एकल पीठ ने मऊ निवासी छात्र की अर्जी पर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12वीं के छात्र को बोर्ड परीक्षा देने के लिए पैरोल पर सशर्त रिहा किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की एकल पीठ ने मऊ निवासी छात्र की अर्जी पर दिया है। याची के खिलाफ कोतवाली थाने में आर्म्स एक्ट व हत्या के प्रयास के आरोप में एफआईआर दर्ज है। वह 25 दिसंबर 2025 से जेल में बंद था। उसने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए पैरोल पर रिहा करने की मांग कर अर्जी दायर की। याची के अधिवक्ता ने दलील दी वह 12वीं कक्षा का छात्र है। उसकी परीक्षाएं 20 फरवरी से 27 मार्च तक होंगी। साक्ष्य के रूप में कोर्ट में एडमिट कार्ड भी पेश किया गया।
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कोर्ट ने छात्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे 18 फरवरी से 27 मार्च तक के लिए पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही कहा कि परीक्षा समाप्त होने के बाद याची को 30 मार्च को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। इसके बाद उसे पुनः जेल भेज दिया जाएगा। मुख्य जमानत याचिका पर अगली सुनवाई छह अप्रैल 2026 को होगी।