हाईकोर्ट ने फर्जी फेसबुक आईडी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गोली मारने और पाकिस्तान जिंदाबाद लिखने की पोस्ट डालने के आरोपी श्रीराम कॉलोनी दिल्ली के सलमान अहमद की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति केपी सिंह ने दिया है। अर्जी का एजीए (सहायक शासकीय अधिवक्ता) एस.एस. त्रिपाठी ने विरोध किया।
गाजियाबाद के निठोरा गांव के निवासी सत्य प्रकाश चौधरी ने 16 जून 18 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें नदीम खान के फेसबुक एकाउंट से विधायक नन्दकिशोर गुज्जर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गोली मारने और पाकिस्तान जिंदाबाद की पोस्ट भेजी गई। नदीम को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसने अपने बयान में कहा कि वह बिजनौर का निवासी है। उसकी फेक आईडी बनाकर किसी ने आपत्तिजनक पोस्ट डाली है। उसका सलमान से विवाद हुआ था।
नदीम खान मूलरूप से महाराष्ट्र का निवासी है। श्रीराम कॉलोनी खजूरी खास नार्थ ईस्ट दिल्ली के सलमान अहमद ने उसे धमकाया था। पुलिस ने 25 जून 18 को सलमान को गिरफ्तार किया। सलमान ने कबूल किया कि झगड़े के कारण नदीम को फंसाने के लिए फेक आईडी बनाकर आपत्तिजनक पोस्ट डाली है। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है।
सलमान पर आरोप लगाया गया है कि उसने नदीम खान और जानू इदरीसी उर्फ शब्बीर इदरीसी से झगड़े का बदला लेने के लिए उनकी आईडी से प्रधानमंत्री के खिलाफ पोस्ट डाली है और उसे विधायक के फेसबुक पर भेजा। सत्र न्यायालय से जमानत खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में अर्जी दी गई थी। कोर्ट ने आरोप की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया है।