इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इटावा की सुनीता देवी व उसके प्रेमी को सुरक्षा देने से इंकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि दोनों अपने अवैध संबंधों पर हाईकोर्ट की मुहर चाह रहे हैं। कोर्ट ने याची पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह आदेश न्यायमूर्ति डॉ. कौशल जयेंद्र ठाकर और न्यायमूर्ति अजय त्यागी की खंडपीठ ने सुनीता दवी व अन्य की याचिका को खारिज करते हुए दिया है।
कोर्ट ने कहा कि भारत का संविधान लिव-इन-रिलेशन की अनुमति देता है, लेकिन यह याचिका अवैध संबंधों पर न्यायालय की मुहर प्राप्त करने के उद्देश्य से दायर की गई है। कोर्ट ने यह भी कहा कि सामाजिक नैतिकता की धारणा की बजाय व्यक्तिगत स्वाययत्ता पर ध्यान दिया जा सकता था, लेकिन दोनों के साथ रहने की अवधि कम है तो ऐसा नहीं किया जा सकता है।