इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि राजस्व न्यायालय की ओर से पारित बेदखली के आदेश को लागू कराने के लिए जनहित याचिका कानूनी रूप से नहीं है। आदेश के अनुपालन के लिए विशिष्ट प्रावधान हैं तो सीधे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल नहीं की जा सकती। न्यायमूर्ति चंद्र कुमार राय की एकल पीठ ने जनहित याचिका खारिज कर दी।
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बस्ती के याची रामनरेश ने हरैया तहसील के बैरागपुर गांव में चकमार्ग पर अवैध अतिक्रमण का आरोप लगा राजस्व न्यायालय में वाद दायर किया था। अदालत ने बेदखली का आदेश दिया था। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो उन्होंने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की।
याची के अधिवक्ता ने दलील दी थी कि तहसीलदार की ओर से उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा 122-बी (जो अब उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 है) के तहत बेदखली और हर्जाने का अंतिम आदेश पहले ही पारित किया जा चुका है। इसके बावजूद जमीन खाली नहीं कराई गई।