इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रदेश में गांव सभा की जमीनों की अदला-बदली से जुड़े राजस्व संहिता के प्रावधान की वैधानिकता को चुनौती दी गई है। इस पर कोर्ट ने महाधिवक्ता को नोटिस जारी कर राज्य सरकार से तीन हफ्ते में जवाब तलब किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रदेश में गांव सभा की जमीनों की अदला-बदली से जुड़े राजस्व संहिता के प्रावधान की वैधानिकता को चुनौती दी गई है। इस पर कोर्ट ने महाधिवक्ता को नोटिस जारी कर राज्य सरकार से तीन हफ्ते में जवाब तलब किया है। याचिका लंबित रहने के दौरान जमीनों की होने वाली अदला-बदली कोर्ट के अंंतिम फैसले के अधीन होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने चंद्रशेखर अग्निहोत्री की जनहित याचिका पर दिया है।
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याचिका में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 101 के तहत गांव सभा की जमीनों की अदला-बदली की अनुमति देने वाले प्रावधान को चुनौती दी गई है। याची की ओर से दलील दी गई कि इस प्रावधान से गांव सभा की सुरक्षित और कीमती जमीन प्रभावित हो रही है। उनके मुताबिक यह व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 14 में दिए गए समानता के अधिकार का उल्लंघन करती है।
कीमती जमीन के बदले सस्ती जमीन देने का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि भू-माफिया अधिकारियों की कथित मिलीभगत से इस प्रावधान का लाभ उठाकर कम कीमत वाली जमीन देकर गांव सभा की कीमती जमीन हासिल कर रहे हैं। गांव सभा की जमीन सार्वजनिक उपयोग और ग्रामीण समुदाय के हितों से जुड़ी होती है। ऐसे में जमीनों की अदला-बदली की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।