इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2019 के लोकसभा चुनाव में निर्दल प्रत्याशी चंद्रमणि पांडेय उर्फ सुदामा व उनके दो सहयोगियों के खिलाफ टोलकर्मी कुलदीप वर्मा द्वारा मारपीट व तोड़फोड़ के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के तहत उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से छह हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई तीन अगस्त को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक वर्मा ने चंद्रमणि पांडेय व दो अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता केएल तिवारी ने बहस की। इनका कहना है कि विवेचना अधिकारी ने अंतर्गत धारा 323, 504, 427, 452, 188 व 8 राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण एक्ट के अंतर्गत चार्जशीट दाखिल की। जिस पर एसीजेएम तृतीय बस्ती ने याचियों को सम्मन जारी कर तलब किया है। याचिका में चार्जशीट व सम्मन आदेश को चुनौती दी गई है। कोर्ट ने विपक्षी/शिकायतकर्ता कुलदीप वर्मा को भी जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी की है।