जानकारी के बावजूद एचओडी चली गईं शहर के बाहर
अदालत ने यह भी पाया कि विभागाध्यक्ष डॉ. अमृता चौरसिया को आदेश की जानकारी होने के बावजूद वह रात में शहर से बाहर चली गईं। कोर्ट ने कहा कि संबंधित चिकित्सकों की प्रथम दृष्टया जानबूझकर लापरवाही सामने आती है। पीड़िता की मां की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि अस्पताल प्रशासन ने दवाओं, जांच और अन्य प्रक्रियाओं के लिए उनसे पैसे मांगे।
हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को संबंधित डॉक्टरों, पीड़िता, उसकी मां और जांच अधिकारी के बयान लेकर जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दो सप्ताह के भीतर पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को होगी।