इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप्र लोक सेवा आयोग को अपर निजी सचिव भर्ती परीक्षा-2023 की टाइपिंग टेस्ट के सीसीटीवी फुटेज पेश करने को 10 जनवरी तक मोहलत दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की अदालत ने आशीष वशिष्ठ व अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर अधिवक्ता सुधांशु पांडेय को सुनकर दिया है।
मामला अक्तूबर 2023 में विज्ञापित अपर निजी सचिव के 331 पदों की भर्ती का है। इसमें प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को टाइपिंग टेस्ट देना होता है। पांच मिनट में 40 शब्द प्रति मिनट की रफ्तार से टाइप करने होते हैं। याचियों का कहना है कि 28 जून को आयोग में टाइपिंग टेस्ट के दौरान बिजली चली गई थी।
इसकी वजह से कई कंप्यूटर बंद हो गए तो कई में तकनीकी गड़बड़ी आ गई थी। इससे अभ्यर्थी निर्धारित समय का सदुपयोग नहीं कर पाए और उनके पेपर खराब हो गए थे। इसलिए टेस्ट दोबारा काराया जाए।
कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टेस्ट के दौरान बिजली कटने के आरोपों की पुष्टि के लिए अगस्त में ही आयोग से परीक्षा कक्ष में लगे सीसीटीवी के फुटेज तलब करने का आदेश पारित किया था। लेकिन, आयोग अभी तक सभी याचियों के सीसीटीवी फुटेज कोर्ट में पेश नहीं कर सका। आयोग के अधिवक्ता ने फुटेज व रिकॉर्ड पेश करने के लिए नौ जनवरी तक की मोहलत मांगी थी।