इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि व शाही ईदगाह विवाद मामले के सभी रिकॉर्ड का नियमानुसार उचित रखरखाव करने के लिए रजिस्ट्री कार्यालय को निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने सभी सूट(18) और उनमें दाखिल किए गए प्रार्थना पत्रों के बारे में जानकारी की। अब मामले की सुनवाई सात नवंबर होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकलपीठ ने दिया है।
न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र के लखनऊ बेंच में बैठने के कारण अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े वाद की सुनवाई न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की पीठ करेगी। बृहस्पतिवार को पहली बार न्यायमूर्ति सक्सेना की पीठ ने मामले की सुनवाई की। अधिवक्ताओं ने सूट-17 को प्रतिनिधि वाद बनाए जाने और सूट-15 के एकीकृत किए जाने के आदेश से कोर्ट को अवगत कराया।
वहीं, प्रतिनिधि वाद पर सुनवाई होने व अन्य सभी सूट पर सुनवाई पर स्टे लगाने की मांग में दाखिल मुस्लिम पक्ष के प्रार्थना पत्र के बारे में भी जानकारी की। वहीं, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि लंबित किसी भी वाद में मुद्दे तय नहीं हुए हैं। कुछ वादों में तो दलीलों का आदान-प्रदान भी नहीं हुआ है। कोर्ट ने कहा कि इस आवेदन सहित अन्य पर जिन वादियों ने आपत्ति नहीं की है, वह दाखिल कर दें। साथ ही कहा कि इस मामले की सुनवाई के दौरान अन्य केस सूचीबद्ध न किया जाए।