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UP : हाईकोर्ट का आदेश- वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में उपस्थित हों न्यायिक मजिस्ट्रेट

Sun, 29 Mar 2026 07:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में शिकायत दर्ज करने में हो रही देरी और अदालती आदेशों की अनदेखी पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने संबंधित अदालत के पीठासीन अधिकारी को अगली तिथि 2 अप्रैल 2026 को दोपहर दो बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में शिकायत दर्ज करने में हो रही देरी और अदालती आदेशों की अनदेखी पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने संबंधित अदालत के पीठासीन अधिकारी को अगली तिथि 2 अप्रैल 2026 को दोपहर दो बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी की पीठ ने हीरा मणि यादव की अर्जी पर दिया है।

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प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र निवासी याची ने 2023 से लंबित चेक बाउंस से जुड़े मामले के शीघ्र निस्तारण की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की थी। 10 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट से परिवाद के निस्तारण में हो रही देरी का स्पष्टीकरण मांगा गया था। इस पर अब तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। हाईकोर्ट के कार्यालय की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रयागराज को इस संबंध में औपचारिक पत्र भी भेजा गया था, लेकिन ट्रायल कोर्ट की ओर से अनुपालन की कोई रिपोर्ट नहीं मिली।

कोर्ट ने संबंधित अदालत के पीठासीन अधिकारी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कार्यालय को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पिछला और वर्तमान आदेश संबंधित अधिकारी तक समय पर पहुंच जाए ताकि आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

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