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UP : हाईकोर्ट का आदेश- एटा में मिली प्राचीन जैन प्रतिमा इलाहाबाद संग्रहालय में रखी जाए

Thu, 19 Mar 2026 06:14 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एटा में खोदाई के दौरान मिली 9वीं-10वीं शताब्दी की जैन प्रतिमा को सुरक्षित अभिरक्षा के लिए इलाहाबाद संग्रहालय में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एटा में खोदाई के दौरान मिली 9वीं-10वीं शताब्दी की जैन प्रतिमा को सुरक्षित अभिरक्षा के लिए इलाहाबाद संग्रहालय में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने दिया है।

प्रतिमा स्थानीय पुलिस की अभिरक्षा में है। इसकी पहचान को लेकर जैन समुदाय के दिगंबर और श्वेतांबर पंथ के बीच विवाद चल रहा है। दोनों ही पक्ष इसे अपने संप्रदाय से संबंधित बताकर दावा पेश कर रहे हैं। दिगंबर जैन सभा और श्री जैन श्वेतांबर महासभा उप्र ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं।

कोर्ट ने एटा के डीएम को आदेश दिया है कि 11 अप्रैल तक प्रतिमा को इलाहाबाद संग्रहालय के निदेशक या प्रभारी निदेशक को सौंप दें। संग्रहालय में पहुंचने के बाद इसको आम जनता के दर्शन के लिए उचित स्थान पर रखा जाएगा। इसकी सही पहचान और उसके संप्रदाय का निर्धारण करने के लिए हाईकोर्ट ने एक विशेषज्ञ टीम भी गठित करने का आदेश दिया है।

यह टीम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के साथ समन्वय बनाकर प्रतिमा के स्वरूप, उसकी प्रकृति, काल और विशेष रूप से जैन पंथों से इसके संबंध का गहन अध्ययन करेगी। इसके बाद तीन महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेगी। 13 अप्रैल को मामले की सुनवाई होगी।

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