फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने दिया पीड़िता को अदालत में पेश करने का आदेश

Wed, 21 Oct 2020 11:56 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फूलपुर की दुषकर्म पीड़िता को बुधवार 21 अक्तूबर को अदालत के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने एसएसपी प्रयागराज सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी और एसएचओ फूलपुर राकेश चौरसिया तथा पूर्व एसएचओ बृजेश कुमार को भी इस दौरान हाजिर रहने का निर्देश दिया है। एसएसपी और एसएचओ, फूलपुर कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को अदालत में उपस्थित थे। एसएसपी की ओर से हलफनामा दाखिल कर केस की प्रगति की जानकारी दी गई। 
विज्ञापन


पीड़िता की अर्जी पर मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ कर रही है। पीड़िता की मां ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा है कि पुलिस ने 16 अक्तूबर से पीड़िता को थाने में ही रखा हुआ है और परिवार के लोगों को उससे मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। इस पर कोर्ट ने पीड़िता को 21 अक्तूबर को पेश करने का निर्देश दिया है। 

इससे पूर्व कोर्ट ने 15 अक्तूबर को आदेश जारी कर लापरवाह पुलिस की जवाबदेही तय करने के लिए एसएसपी प्रयागराज व थाना प्रभारी फूलपुर को 20 अक्तूबर को तलब किया था। कोर्ट ने तीन माह विलंब से व अदालत के हस्तक्षेप के बाद प्राथमिकी दर्ज करने और पीड़िता का बयान लेने, मेडिकल जांच कराने पर नाराजगी जताई है।  
विज्ञापन


 पीड़िता याची फूलपुर थाने पर 11 जुलाई 20 को शिकायत लेकर गई थी। पुलिस ने उसे भगा दिया। 22 जुलाई को एसएसपी प्रयागराज से शिकायत की गई। एसएसपी के आदेश पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 30 जुलाई तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो उसने हाईकोर्ट की शरण ली। याचिका की सुनवाई 12 अक्तूबर को हुई। कोर्ट ने जानकारी मांगी तो 14 अक्तूबर को कोर्ट को बताया गया कि एसएसपी ने 23 जुलाई को पीड़िता की अर्जी फूलपुर थाना भेज दी थी। 13 अक्तूबर को एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़िता का बयान व मेडिको लीगल जांच की गई  है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें