हाईकोर्ट ने बीटीसी अभ्यर्थी को गलत अंकपत्र दिए जाने पर अभ्यर्थी को शिक्षक भर्ती परीक्षा में प्रोविजनल तौर पर शामिल करने और उसका आवेदन ऑफलाइन स्वीकार करने का परीक्षा नियामक प्राधिकारी को निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि परीक्षा में शामिल होने से अभ्यर्थी का कोई अधिकार उत्पन्न नहीं होगा।
मिर्जापुर चुनार की वंदना शर्मा की याचिका पर न्यायमूर्ति अजय भनोट सुनवाई कर रहे हैं। याचिका पर अधिवक्ता रमेश कुमार शुक्ला ने पक्ष रखा। वंदना शर्मा बीटीसी के चतुर्थ सेमेस्टर 2018 परीक्षा में शामिल हुई। उसने सभी पेपर की परीक्षा दी, मगर परिणाम जारी होने पर उसे हिंदी की परीक्षा में अनुपस्थित बताया गया।
वंदना ने याचिका दाखिल कर कहा कि गलत रिजल्ट जारी होने की वजह से वह सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह जाएगी। इस पर कोर्ट ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को निर्देश दिया कि याची को परीक्षा में शामिल किया जाए तथा यदि उसका आवेदन ऑनलाइन स्वीकार करने में कोई कठिनाई होती है तो ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किया जाए।