इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खुद को वकील बताकर गलत प्रारूप में बेतरतीब याचिका दाखिल करने पर याची पर एक लाख का हर्जाना लगाया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की अदालत ने अभिषेक मालवीय की ओर से दाखिल याचिका को खारिज करते हुए दिया है। याची ने केंद्रीय विद्यालय संगठन 18 इंस्टीट्यूशनल एरिया शहीद जीत सिंह मार्ग नई दिल्ली, केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण को पक्षकार बनाते हुए याचिका दाखिल की थी।
कोर्ट ने पाया कि याची ने खुद को वकील होने का दावा किया, जबकि दाखिल याचिका निर्धारित प्रारूप में नहीं थी। पक्षकारों की सूची में गलत क्रम में तैयार की गई थी। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी पाया कि समान विषय पर एक याचिका जनवरी 2025 में निस्तारित हो चुकी है। बेतरतीब तरीके से दाखिल याचिका पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। साथ ही याचिका खारिज करते हुए याची पर एक लाख रुपये का हर्जाना लगाया।