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गंगा किनारे क्रिया योग संस्थान के निर्माण पर रोक

Wed, 06 Jan 2016 09:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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हाईकोर्ट ने झूंसी स्थित क्रिया योग संस्थान द्वारा गंगा के किनारे कराए जा रहे निर्माण पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने क्रिया योग सत्संग समिति और अनुसंधान संस्थान के अध्यक्ष योगी सत्यम और सचिव राधा सत्यम को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने डीएम इलाहाबाद को भी निर्देश दिया है कि वह याची द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच स्थलीय निरीक्षण करके करें तथा अपनी रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करें।
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अधिवक्ता सुनील चौधरी की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया है कि योगी सत्यम ने वर्ष 2002 झूंसी में एक छोटा प्लाट खरीदा था। इसके बाद प्लाट के आसपास की भूमि उन्होंने अवैध रूप से कब्जा कर ली। कब्जा की गई जमीन राजकीय अस्थान की हैं, जिसमें नवीन परती, ऊसर, नाला आदि की जमीनेें हैं। इनकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये है। 19 जून 2013 को एसडीएम फूलपुर ने योगी सत्यम द्वारा कब्जा की जमीनों की जांच कर अपनी रिपोर्ट दी है, मगर उस रिपोर्ट पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इलाहाबाद विकास प्राधिकरण और प्रशासन के अधिकारियों की जानकारी में मामला होने के बावजूद अवैध कब्जा रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।

याची का कहना है कि एडीए के मास्टर प्लान में गंगा के किनारे 200 मीटर तक किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं हो सकता है। हाईकोर्ट ने भी अधिकतम बाढ़ बिंदु से 500 मीटर तक निर्माण पर रोक लगाई है। यह आदेश प्रभावी है इसके बावजूद क्रिया योग संस्थान द्वारा 200 मीटर की प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से भूमि कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा है। एडीए द्वारा वर्ष 2002 में क्रिया योग संस्थान का अवैध निर्माण एक बार रोका भी जा चुका है। कमिश्नर इलाहाबाद ने 21 जून 2011 को क्रिया योग संस्थान का प्रत्यावेदन यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि जिस स्थान पर निर्माण हो रहा है वह प्रतिबंधित 200 मीटर के क्षेत्र में है तथा माघ मेला क्षेत्र होने के कारण भी वहां निर्माण की इजाजत नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए डीएम से चार फरवरी तक रिपोर्ट मांगी है।
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