कानपुर में प्रस्तावित प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट लोहिया बोटेनिकल पार्क के निर्माण पर सरकार को हाईकोर्ट से झटका लगा है। अदालत ने गंगा बैराज के पास प्रस्तावित पार्क में आगे कोई भी निर्माण पर रोक लगाते हुए मौके पर यथा स्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है। पार्क में आठ हजार हरे पेड़ों की कटाई के लिए जारी टेंडर और पेड़ों की कटाई पर भी कोर्ट ने रोक लगा दी है। प्रदेश सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए छह सप्ताह की मोहलत दी गई है। अगली सुनवाई पांच अक्तूबर को होगी।
कानपुर की संस्था दोस्त सेवा संस्थान ने जनहित याचिका दाखिल कर लोहिया पार्क में प्रस्तावित शापिंग कॉम्पलेक्स, बेंक्वेट हॉल, ड्राइव इन सिनेमा आदि के निर्माण को चुनौती दी है। कहा गया कि प्रस्तावित निर्माण मास्टर प्लान के विपरीत है। सरकार की विकास योजना के तहत आठ हजार हरे पेड़ों को काटा जाएगा जिसको लगाने में 55 लाख रुपये खर्च हुए थे। इसका टेंडर 6.45 लाख रुपये की न्यूनतम बोली पर निकाला गया है।
कानपुर की 2021 महायोजना में गंगा के किनारे 500 मीटर की दूरी तक किसी भी निर्माण पर रोक लगाई गई है। सरकार इसकी अनदेखी कर बोटेनिकल पार्क का निर्माण कर रही है। इसमें व्यवसायिक निर्माण किए जा रहे हैं जो कि महायोजना के विपरीत है। मुख्य न्यायमूर्ति डा. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने पार्क में यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश देते हुए प्रदेश सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी पूछा है कि प्रस्तावित योजना के लिए पर्यावरण मंजूरी दी गई है अथवा नहीं। उल्लेखनीय है गत दिनों लोहिया पार्क का मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उद्घाटन किया था।