इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नक्सली इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों से उनके तबादले के बाद आवास खाली कराने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में प्रदेश सरकार और एसएसपी मिर्जापुर से अढ़तालीस घंटे में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। राजेंद्र कुमार और 22 अन्य पुलिसकर्मियों की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति जेजे मुनीर सुनवाई कर रहे हैं।
याचिका में मांग की गई है कि नक्सली इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों का वहां से तबादला होने के बाद उनसे सरकारी आवास तब तक न खाली कराया जाए जब तक कि उन्हें नई तैनाती पर सरकारी आवास का आवंटन न कर दिया जाए। इससे उनको अपने परिवार को सुरक्षित रखने में परेशानी होती है। कहा गया कि याचीगण नक्सली क्षेत्र में तैनात थे।
जहां से अब उनका तबादला अन्य स्थानों के लिए हो गया है, मगर नई तैनाती पर उन्हें अभी सरकारी आवास नहीं मिले हैं। इस बीच उनका तबादला होने पर उनसे पूर्व से आवंटित आवास को खाली करने के लिए आदेश दिया जा रहा है। कोर्ट ने याचीगण से आवास खाली कराने पर रोक लगाते हुए एसएसपी मिर्जापुर और राज्य सरकार से 48 घंटे में इस मामले में जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।