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हाईकोर्ट : नाबालिग रहते की शादी, बालिग होने पर नहीं हो सकेगा विवाह पंजीकरण

Sat, 10 Oct 2026 05:47 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उत्तर प्रदेश सरकार ने बाल विवाह पर बड़ा आदेश जारी किया है। इसके अनुसार यदि विवाह के समय जोड़ा नाबालिग था और बालिग होने पर विवाह के पंजीकरण के लिए उप निबंधक कार्यालय पहुंचता है तो उनका पंजीकरण नहीं किया जाएगा।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने बाल विवाह पर बड़ा आदेश जारी किया है। इसके अनुसार यदि विवाह के समय जोड़ा नाबालिग था और बालिग होने पर विवाह के पंजीकरण के लिए उप निबंधक कार्यालय पहुंचता है तो उनका पंजीकरण नहीं किया जाएगा। आवेदन खारिज होने के साथ ही बाल विवाह निषेध अधिकारी और जिलाधिकारी (डीएम) के पास शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

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प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश सरकार अमित गुप्ता की ओर से जारी हालिया आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण निर्देश का हवाला दिया गया है और इसके कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक यह देखा जाता था कि विवाह पंजीकरण के समय यदि विवाहित जोड़ा बालिग है, तो अधिकारी विवाह को वैध मानकर पंजीकरण कर देते थे।

नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केवल पंजीकरण के वक्त बालिग होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि विवाह वैध है। इसके लिए जरूरी है कि जिस दिन विवाह हुआ उस वक्त वर की आयु कम से कम 21 वर्ष और वधु की आयु 18 वर्ष पूरी होनी चाहिए।
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यदि विवाह के समय आयु कम पाई जाती है, तो किसी भी दशा में पंजीकरण नहीं किया जाएगा और अधिकतम 15 दिन के भीतर ऐसे आवेदन को निरस्त किया जाएगा। इसके बाद एआईजी के समक्ष सुनवाई होगी और महज 24 घंटे के भीतर डीएम को कार्रवाई के लिए पत्र भेज दिया जाएगा।

सरकार के इस सख्त फैसले से उन लोगों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है जिनका विवाह कम उम्र में हुआ था और अब उन्हें विदेश जाने या अन्य कानूनी जरूरतों के लिए मैरिज सर्टिफिकेट की आवश्यकता है।

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