याची के अधिवक्ता पंकज त्यागी और आकाश त्यागी ने तर्क दिया की याची का पारिवारिक व्यवसाय है और व्यावसायिक स्थल से उसका घर दो किलोमीटर दूर है। लिहाजा उसे लाइसेंस दिया जाना जरूरी है, जिससे कि वह अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। हालांकि, सरकारी अधिवक्ता ने इसका विरोध किया।
कहा कि याची को लाइसेंस नहीं दिया जा सकता। क्योंकि, परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पहले से ही लाइसेंस है लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को नहीं माना। कहा कि परिवार के और सदस्यों के पास आर्म्स लाइसेंस होने से किसी को लाइसेंस देने से मना नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने याची के अभ्यावेदन पर डीएम मेरठ को निर्देशित किया कि वह 2 महीने के अंदर विचार कर लाइसेंस देने अध्यावेदन का निस्तारण करें।