इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चार दशक पुराने नोएडा भूमि अधिग्रहण मामले में किसानों को बड़ी राहत देते हुए मुआवजे की दर को साढ़े चार गुना से अधिक बढ़ा दिया है। कोर्ट ने 1976 के भूमि अधिग्रहण मामले में मुआवजा छह रुपये से बढ़ाकर 28.12 रुपये प्रति वर्ग गज करने का आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चार दशक पुराने नोएडा भूमि अधिग्रहण मामले में किसानों को बड़ी राहत देते हुए मुआवजे की दर को साढ़े चार गुना से अधिक बढ़ा दिया है। कोर्ट ने 1976 के भूमि अधिग्रहण मामले में मुआवजा छह रुपये से बढ़ाकर 28.12 रुपये प्रति वर्ग गज करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन की एकल पीठ ने रामकरण व अन्य की ओर से दायर याचिका पर दिया।
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गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के तहसील दादरी (तत्कालीन गाजियाबाद) के मोरना गांव की भूमि का अधिग्रहण सरकार की ओर से किया गया था। जिला न्यायाधीश ने 25 नवंबर 1981 को पारित आदेश में किसानों को छह रुपये प्रति वर्ग गज की दर से मुआवजा निर्धारित किया था। इससे असंतुष्ट किसानों ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम-1894 के तहत मुआवजा बढ़ाने के लिए 20 मई 1982 को हाईकोर्ट में फर्स्ट अपील दायर की थी।
कोर्ट ने फैसले में 2022 में सुप्रीम कोर्ट की ओर से अजय पाल सिंह व अन्य बनाम यूपी राज्य मामले में दिए गए निर्णय का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि उसी आधार पर 28.12 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से मुआवजा किसानों को दिया जाए।