इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 100 करोड़ की ठगी के आरोपी और चर्चित पटाखा कारोबारी मोहम्मद कादिर की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने मुख्य आयकर आयुक्त से विवेचना में देने के साथ ही आरोपियों के बैंक खातों व आय से जुड़ी सभी जानकारियां पुलिस को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने कादिर को जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है।
बुधवार को सुनवाई के दौरान विवेचक ने खुलासा किया कि ठगी की रकम से कादिर ने करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियां खड़ी की हैं, जिसमें उसकी पत्नी के नाम खरीदी गईं 10 दुकानें भी शामिल हैं। खाते की जानकारी नहीं मिलने से विवेचना में दिक्कत हो रही है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। मामला प्रयागराज के शाहगंज थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि कादिर और उसके करीबियों ने ई-टेक्नोक्रेट्स जैसी कंपनियों के जरिये निवेशकों को पैसा दोगुना करने का झांसा दिया था।
विवेचक आजाद कुमार ने कोर्ट को बताया कि निवेशकों के रुपये से आरोपी ने बेहिसाब संपत्ति खरीदी है। हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी को अगली सुनवाई तक मनी ट्रेल और संपत्तियों के विवरण की जांच पूरी करने का आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को नियत की है। अगली सुनवाई में विवेचक को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा।