इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज की प्रबंध समिति की ओर से दायर विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति को पूर्व में जारी अपने एक आदेश को वापस लेने की अनुमति दे दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज की प्रबंध समिति की ओर से दायर विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति को पूर्व में जारी अपने एक आदेश को वापस लेने की अनुमति दे दी है। साथ ही कुलपति को नए सिरे से निर्णय लेने का निर्देश भी दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने दिया है।
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वाराणसी स्थित अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज की प्रबंध समिति की ओर से एकलपीठ और कुलपति के 27 फरवरी 2026 को पारित आदेश के खिलाफ विशेष अपील दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष विश्वविद्यालय के अधिवक्ता ने स्वीकार किया कि कुलपति की ओर से पारित किया गया आदेश जल्दबाजी में और संबंधित पक्षों को सुनवाई का पूरा अवसर दिए बिना जारी किया गया था। इस पर आदेश वापस लेने की अनुमति मांगी गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
कोर्ट ने कुलपति को पक्षों को सुनने के बाद तर्कसंगत और स्पष्ट आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, निजी प्रतिवादियों के वेतन के भुगतान का मुद्दा कुलपति की ओर से लिए जाने वाले इसी अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा। इसी के साथ अदालत ने इस विशेष अपील को निस्तारित कर दिया।